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फिरोजपुर में हर जगह बिकता है चिट्‌टा, सौदागरों पर नहीं होती कार्रवाई; छोटे-मोटे नशेड़ियों को पैसे लेकर और फ्री नशा करके छोड़ देती है Police

  • चिट्‌टे का नशा करे रहे रिक्शा चालक टाइप दो लोगों ने कैमरे के सामने कहा-3500 रुपए प्रति ग्राम मिल जाता है चिट्‌टा 

  • पैसे की कमी पर कभी-कभार चोरी-चकारी करने की बात भी कबूली, एड्स के संक्रमण और परिवार की चिंता भी नहीं

  • पकड़े जाने पर बोले-कभी पुलिस वाले थोड़े-बहुत पैसे लेकर छोड़ देते हैं तो कभी खुद फ्री का नशा मिल जाने पर छोड़ देते हैं

राजेश मेहता/फिरोजपुर

नशे के लिए बदनाम पंजाब के सरहदी इलाके फिरोजपुर सिटी और कैंट में चिट्‌टे का कारोबार खुलेआम होता है। यहां कदम-कदम पर चिट्‌टा बड़ी आसानी मिल जाता है। दूसरी तरफ जिन पर नशा रोकने की जिम्मेदारी है, वो अपना जमीर बेच चुके हैं। नशे के सौदागरों पर कार्रवाई करने की बजाय फिरोजपुर पुलिस सिर्फ छोटे-मोटे नशेडियों को ही पकड़ती है। गजब की बात तो यह है कि कैमरे के सामने किए गए कुछ नशेड़ियों के दावे पर गौर करें तो फिरोजपुर पुलिस के बहुत से कर्मचारी या तो थोड़े-बहुत पैसे लेकर या फिर फ्री में चिट्टे का नशा करके इन नशेड़ियों को छोड़ देते हैं। शब्द चक्र न्यूज की तरफ से जब यह मामला पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया तो इस पर एक खास रणनीति बनाकर कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। अब देखना यह होगा कि फिरोजपुर पुलिस नशे के सौदागरों पर नकेल कसने के लिए कौन सा कारगर कदम उठाती है।

दरअसल, बीते दिन एक सुनसान जगह पर दो लोग चिट्‌टे (हैरोइन) का नशा करने की तैयारी कर रहे थे। एक हैरोइन का इंजैक्शन भर रहा था तो दूसरा चमकीले कागज पर नशीला पाउडर रखकर माचिस जलाने ही वाला था कि इसी बीच एक सज्जन ने इनके पास पहुंचकर इन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश की, पर ये कहां मानने वाले थे। नशेड़ी भला कब सीधी तरह से रास्ते पर आया है? रिक्शा पुलर टाइप के नशे के आदी इन लोगों ने नशे की लत छोड़ देने की सलाह पर लाख कोशिशों के बावजूद नहीं छूटने की बात कही। इतना ही नहीं, नशे की उपलब्धता को लेकर नशा कर रहे रिक्शा चालकों ने बताया कि उन्हें नशा मिलने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती। 3500 रुपए प्रति ग्राम बड़ी आसानी से मिल जाता है। अगला बड़ा सवाल है जिंदगी की सुरक्षा का तो इसकी भी इन्हें कोई परवाह नहीं। ये लोग एक ही सिरिंज से बार-बार नशा करते रहते हैं। जब इनसे पूछा गया कि क्या एक ही सिरिंज को HIV एड्स या ऐसी ही दूसरी भयानक बीमारी लगने का डर नहीं है तो बेखौफ कहते नजर आए, ‘ओ भाजी कुछ नहीं होता’।

इसके अलावा नशे की पूर्ति के लिए पैसे की कमी के सवाल पर वीडियो में चिट्‌टे का नशा करते दिख रहे लोगों ने कहा कि मजबूरी में कई बार चोरी-चकारी भी करनी पड़ जाती है। गजब की बात तो यह भी है कि ऐसे लोगों को पुलिस का भी कोई डर-भय नहीं है। इनमें से एक ने कैमरे के सामने बताया कि कभी पुलिस वाले थोड़े-बहुत पैसे लेकर छोड़ देते हैं तो कभी कोई पुलिस वाला खुद भी नशे की डिमांड करता है। उसे फ्री का नशा करने को मिल जाए तो फिर वह भी हमारा कहां कुछ बिगाड़ने वाला है?

अब अगर इन नशेड़ियों के दावे पर गौर करें तो सोचने वाली बात है कि जिन पर नशे के कारोबार को बंद कराने की जिम्मेदारी है, वही खुद नशा करते हैं। ऐसे पुलिस वालों से आम जनता के हित की रक्षा की उम्मीद करना कहां तक सही है। ऐसे में शब्द चक्र न्यूज की प्रशासन से अपील है कि इलाके में नशे के चलन और इसका कारोबार करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

हालांकि इस संबंध में एसपी-डी रणधीर कुमार का कहना है कि मामला विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में ला दिया गया है। अब इस पर एक खास तरह की रणनीति बनाकर काम किए जाने की तैयारी की जा रही है।

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