हिम चक्र

शिक्षा के क्षेत्र में उम्दा स्थान रखती बद्दी यूनिवर्सिटी ने चम्बा में किया प्रोस्पैक्टस लॉन्च

राजेन्द्र ठाकुर/चम्बा

शिक्षा के क्षेत्र में उम्दा मुकाम हासिल कर चुकी बद्दी यूनिवर्सिटी ने यूनिवर्सिटी का चम्बा में अपना प्रोस्पेक्ट लांच किया। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के मैनेजमैंट स्टडीज स्कूल के डीन डॉ. अरुण कांत पनोली, मार्केटिंग एग्जेक्यूटिव इंजीनियर करुणेश सिंह ने मीडिया के सामने अपना विजन रखा। उन्होंने बद्दी यूनिवर्सिटी द्वारा करवाए जा रहे विभिन्न कोर्सिस, स्कॉलरशिप, प्लेसमेंट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बद्दी यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग, फार्मेसी, साइंस, मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर, फिजियोथैरिपी के कोर्स करवाए जा रहे हैं और इस सत्र में पैरा मैडिकल कोर्सेस जैसे कि बीएससी रेडियोलॉजी, बीएससी ओटीटी, बीएमएलटी लॉन्च किए जा रहे है।

उन्होंने कहा कि अगर किसी एक ही परिवार के दो बच्चे एक साथ दाखिला लेते हैं तो उसमें एक बच्चे पर पचास प्रतिशत की छूट दी जाएगी। जिन बच्चों के माता-पिता कोरोना काल में मृत्यु को प्राप्त हुए हैं, उन्हें भी विशेष छूट दी जाएगी। इसके अलावा बद्दी यूनिवर्सिटी द्वारा स्कॉलरशिप भी दी जाती है, जिसमें 12वीं और कला स्नातक की मैरिट के आधार पर बच्चों को स्कॉलरशिप दी जाती है। यूनिवर्सिटी में रैगिंग जैसे कृत्य पर रोक लगाई गई है। इसके लिए सीनियर और जूनियर वर्ग को अलग-अलग होस्टलों में ठहराया जाता है।

यूनिवर्सिटी के पास अपनी स्टेट आफ लैब, प्रशिक्षित टीचिंग स्टाफ उपलब्ध

उन्होंने बताया कि बी-टैक सीएससी आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस, डाटा साइंस, कोड कंप्यूटिंग, सॉफ्ट इंजीनियरिंग के माध्यम से बीटैक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग होती है। हमारे 16 विद्यार्थी Abiro Strategyz Technologies Pvt. Ltd. with the package of 18 Lakh PA. बीटैक मैकेनिकल एवं इलैक्ट्रिकल में दूसरे स्मैस्टर से 12 हजार रुपये की कमाई कर सकता है। यूनिवर्सिटी के पास अपनी स्टेट आफ लैब, प्रशिक्षित टीचिंग स्टाफ उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार किया जाता है, ताकि वह किसी भी साक्षात्कार में नर्वस न हों। यूनिवर्सिटी के पास अपना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम है जहां पर विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को निखार सकता है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी में अन्य खेलों की सुविधा भी उपलब्ध है। यूनिवर्सिटी केवल पढ़ाने और डिग्री देने में ही विश्वास नहीं रखती है, बल्कि वह बच्चों को ट्रेनिंग भी प्रदान करती है, ताकि आगे उन्हें बेहतर पैकेज मिल सके। इसके अलावा उन्होंने आइडिया फैक्टरी का निर्माण किया है, जहां पर बच्चे अपने आइडिया के आधार पर नई-नई खोज करते हैं। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी के पास अपना सैंट्राालाइज एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेसन सैल भी है।

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