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Pt. JLN मैडिकल कॉलेज में करोड़ों के Oxygen Plants बंद होने की कगार पर; सवाल-कैसे निपटा जाएगा HMPV से

  • आउटसोर्स पर रखे तीन कर्मचारियों का सेवाकाल समाप्त, कोरोना काल से लेकर आज तक दे रहे थे सेवा; अब भी फ्री में कर रहे सेवा

  • अस्पतालों में BJP की जयराम ठाकुर सरकार में स्थापित PSA प्लांट में तैनात 29 तकनीकी कर्मियों की सेवा खत्म

राजेन्द्र ठाकुर/चम्बा

ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (HMPV) से निपटने की तैयारियों के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स पर लगे तकनीकी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। ये कर्मचारी प्रेशर स्विंग आडर्सोशन (PSA) प्लांट में तैनात किए गए थे। अब इन कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने के फरमान जारी कर दिए हैं। इनमें चम्बा स्थित पंडित जवाहर लाल नैहरू मैडिकल कॉलेज के भी 3 कर्मचारी शामिल हैं। हालांकि चम्बा  मैडिकल कॉलेज में सेवामुक्त कर दिए गए 3 कर्मचारी लोगों की भलाई को देखते हुए पिछली 10 जनवरी से अब तक स्वैच्छिक रूप से दिन-रात फ्री में कर रहे हैं।

गौर रहे कि कोरोना काल में प्रदेशभर में करोड़ों रुपए खर्च कर ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे, क्योंकि सांस संबंधी मरीजों को भी आसानी थी। ऑक्सीजन सिलेंडरों की खपत भी अस्पतालों में प्लांट के बाद कम हो गई थी। प्रदेशभर में कोरोना काल में लगाए गए करोड़ों रुपए के PSA प्लांट में 29 कर्मचारियों को तैनात किया गया था। पीएसए प्लांट में लगे आउटसोर्स कर्मचारी 24 घंटे पीएसए प्लांट चला रहे थे, लेकिन इन सभी कर्मचारियों को कार्य मुक्त करने के फरमान जारी होने के बाद बेरोजगारी की तलवार भी लटक गई है। इसी के साथ इन कर्मचारियों को अब भविष्य की चिंता सताने लगी है। प्लांट में कई जगह ताला लग गया है। कई जगह तो फोर्थ क्लास इनको चला रहे हैं। इस कारण अस्पतालों में मरीज को सिलेंडर के जरिए ही ऑक्सीजन मिलेगी। इसमें अस्पतालों का खर्चा और अधिक बढ़ जाएगा।

शर्मनाक बात तो यह है कि एक ओर एचएमपीवी को लेकर भी ऑक्सीजन और अन्य चीजों की तैयारियां पूर्ण रखने के लिए कहा है। इसी बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स पर लगे तकनीकी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। ये कर्मचारी प्रेशर स्विंग आडर्सोशन (PSA) प्लांट में तैनात किए गए थे। अब इन कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने के फरमान जारी कर दिए हैं। इससे पहले भी आउटसोर्स पर लगे इन कर्मचारियों को कई बार कार्य मुक्त करने के बाद फिर से तैनाती दी गई। इन कर्मचारियों ने 20 घंटे तथा 24 घंटे भी ड्यूटी दी है, लेकिन अभी तक इस बारे में जिला स्वास्थ्य विभाग को कोई निर्देश उच्च अधिकारियों से नहीं आए हैं। इसके बाद से इन कर्मचारियों को पीएसए प्लांट से संबंधित दस्तावेज को अस्पताल के उच्च अधिकारियों को देने के लिए कहा है।

आउटसोर्स तकनीकी कर्मचारियों का 10/1/25 जनवरी तक सेवाएं लेने के लिए कहा था। यह कार्यकाल खत्म हो जाने और प्रदेश सरकार के इन्हें घर भेज दिए जाने के बावजूद ये सेवामुक्त कर दिए गए 3 कर्मचारी लोगों की भलाई को देखते हुए पिछली 10 जनवरी से अब तक स्वैच्छिक रूप से दिन-रात फ्री में कर रहे हैं। पीएसए प्लांट में तैनात कर्मचारियों का वर्ष 2023 में अप्रैल, जुलाई और फिर जनवरी 2024 में सेवा विस्तार दिया गया था । एक वर्ष बाद अब 10/1/2025 जनवरी को तकनीकी कर्मचारीयों का कार्यकाल खत्म हो गया था । इसके बाद उन्हें निकालने के भी आदेश जारी हो गए। पीएसए प्लांट कर्मचारियों का कहना है कि हमारा टेंडर जल्दी से रिन्यू करके तनाती दी जाए।

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